विनिवेश नीति

विनिवेश नीति काफी हद तक संसद के संयुक्त सत्र को राष्ट्रपति के संबोधन तथा संसद में दिए गए वित्त मंत्रियों द्वारा अपने बजट भाषणों में दिए गए वक्तव्यों के माध्यम से विकसित हुई है।
 
नीति की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं :

(i)

सरकारी क्षेत्र के उपक्रम राष्ट्र की संपत्ति है और यह सुनिश्चित करने के लिए यह संपत्ति आम जनमानस के हाथों में होनी चाहिए, सीपीएसईस में जन-स्वामित्व को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

(ii)

सूचीबद्ध सीपीएसईस में अल्पांश बिक्री के माध्यम से विनिवेश करते समय सरकार अधिकांश अर्थात कम से कम 51 प्रतिशत शेयरधारिता और सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों का प्रबंधन नियंत्रण अपने पास रखेगी।

(iii)

अभिज्ञात सीपीएसईस में सरकारी शेयरधारिता में से 50% या उससे अधिक एक सार्थक हिस्से की बिक्री के जरिए सामरिक विनिवेश के साथ प्रबंधन नियंत्रण का हस्तांतरण।
 

विनिवेश संबंधी दृष्टिकोण

(क) अल्पांश हिस्सेदारी के माध्यम से विनिवेश
5th नवम्बर, 2009 को सरकार ने लाभ अर्जित करने वाली सरकारी कंपनियों में विनिवेश करने के लिए निम्नलिखित कार्य योजना अनुमोदित की है :-

(i)

केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के पहले से ही सूचीबद्ध, लाभ अर्जित करने वाले उपक्रम, (जो अनिवार्य 10 प्रतिशत, जो अब 25% है, की सार्वजनिक शेयरधारिता की शर्त को पूरा नहीं करते), उनको सरकार द्वारा "बिक्री की पेशकश" (ओएफएस) या केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों द्वारा शेयरों के नए निर्गम या दोनों के संयोजन से इस शर्त का अनुपालक बनाया जाएगा;

(ii)

केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के वे उपक्रम जिनका संचित घाटा नहीं है तथा जो पिछले तीन वर्षों से लगातार निवल लाभ कमा रहे हैं, उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा;

(iii)

अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकशों पर मामला दर मामला आधार पर केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यम की पूंजीनिवेश संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा और सरकार इसके साथ-साथ या स्वतंत्र रूप से अपनी इक्विटी शेयरधारिता के एक हिस्से की पेशकश कर सकती है;

(iv)

विनिवेश के सभी मामलों पर मामला दर मामला आधार पर निर्णय लिया जाएगा;

(v)

निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग संबंधित प्रशासनिक मंत्रालयों के परामर्श से केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों की पहचान करेगा और जिन मामलों में सरकारी इक्विटी की बिक्री की पेशकश आवश्यक हो, उनके प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत करेगा ।

(ख) सामरिक विनिवेश

(i)

नीति आयोग सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के साथ एक परामर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

(ii)

नीति आयोग सामरिक विनिवेश के लिए सीपीएसईस की पहचान करेगा और बिक्री की पद्धति, सीपीएसईस के बिक्री किए जाने वाले शेयरों की प्रतिशतता और सीपीएसईस के मूल्यांकन की पद्धतियों के संबंध में सलाह देगा।

(iii)

विनिवेश संबंधी सचिवों के प्रमुख दल (सीजीडी) द्वारा नीति आयोग की सिफारिशों पर विचार किया जाएगा ताकि सामरिक विनिवेश के संबंध में सीसीईए द्वारा निर्णय लेने में सुविधा हो और कार्यान्वन की प्रक्रिया का पर्यवेक्षण/निगरानी हो सके।

(ग) सीपीएसईस में भारत सरकार के निवेश का व्यापक प्रबंधन

(i)

सरकार सीपीएसईस में अपने निवेश को आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण परिसंपत्ति मानती है और ईष्टतम प्रतिफल की प्राप्ति हेतु इन संसाधानों के दक्ष उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

(ii)

सरकार इन उद्देश्यों को महत्वपूर्ण परस्पर संबंधित मुद्दों जैसे कि नया निवेश आकर्षित करने के लिए परिसंपत्तियों में वृद्धि, पूंजीगत पुनर्गठन, वित्तीय पुनर्गठन आदि का समाधान करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाकर प्राप्त करेगी।

(iii)

सीपीएसईस में सरकारी निवेश के ईष्टतम उपयोग हेतु विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन किया जाएगा ताकि सीपीएसईस में निवेशकों के भरोसे में सुधार करने के लिए उपयुक्त निवेश प्रबंधन रणनीति अपनाई जा सके और उनके बाजार पूंजीकरण को समर्थन मिल सके जो उनके विस्तार और विकास के लिए पूंजीबाजार से नया निवेश जुटाने के लिए आवश्यक होता है।

(iv)

सीपीएसईस में निवेश का दक्ष प्रबंधन सभी संबंधित मुद्दों के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया के तार्किकरण और मामले में सुचारू अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।

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