प्रमुख उपलब्धियां

क्र.सं. महीना उपलब्धियां
1 अगस्त, 2017
  1. जैसा कि वैकल्पिक तंत्र द्वारा अनुमोदित किया गया, सरकार ने भी इंजीनियर्स इंडिया लि. (ईआईएल), की वापस खरीद पेशकश में भाग लिया, जो 25 जुलाई, 2017 से 07 अगस्त, 2017 की अवधि के दौरान खोली गई थी। सरकार को इस वापस खरीद सौदे के माध्यम से 657.81 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। इस वापस खरीद के बाद कंपनी में, भारत सरकार की शेयरधारिता 54.17% रह गई।
  2. कोचीन शिपयार्ड लि. (सीएसएल) की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश निर्गम सब्सक्रिप्शन के लिए 01 अगस्त, 2017 से 03 अगस्त, 2017 तक खुला था। निर्गम को संस्थागत और फुटकर निवेशकों के भारी रूझान के साथ 76.19 गुणा सब्सक्राइब किया गया था। सरकार ने इस पेशकश के माध्यम से 470.01 करोड़ रु. की धनराशि जुटाई।
  3. हिन्दुस्तान कॉपर लि. में भारत सरकार के शेयरधारिता में से 6.83 प्रतिशत प्रदत्त इक्विटी पूंजी के विनिवेश की बिक्री की पेशकश का निर्गम 02 अगस्त, 2017 से 03 अगस्त, 2017 को संपन्न किया था। इस बिक्री की पेशकश सौदे के माध्यम से 404.71 करोड़ रु. की धनराशि जुटाई।
  4. माह का दूसरा ओएफएस निर्गम एनटीपीसी में भारत सरकार की शेयरधारिता में से 6.65 प्रतिशत प्रदत्त इक्विटी पूंजी के विनिवेश के लिए 29 अगस्त, 2017 से 30 अगस्त, 2017 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। सरकार ने इस सौदे के माध्यम से लगभग 9,118 करोड़ रु. की धनराशि जुटाई।
2 जुलाई, 2017
  1. सरकारी क्षेत्र की एकीकृत बड़ी तेल कंपनी के सृजन के संबंध में बजट में की गई घोषणा के अनुसरण में सीसीईए ने दिनांक 19 जुलाई, 2017 को आयोजित अपनी बैठक में एचपीसीएल ने भारत सरकार की मौजूदा समस्त 51.11% प्रदत्त इक्विटी की प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ ओएनजीसी को सामरिक बिक्री पर विचार करने के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान किया है।
  2. कोचीन शिपयार्ड लि. का आईपीओ निर्गम 10 रुपये प्रति शेयर अंकित मूल्य के 424 रुपये से 432 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे के साथ सब्सक्रिप्शन के लिए 01 से 03 अगस्त, 2017 तक खोला गया था। सरकार को इस निर्गम से 480 करोड़ रूपए की धनराशि प्राप्त होने की संभावना है।
  3. राष्ट्रीय उर्वरक लि. (एनएफएल) में भारत सरकार की शेयरधारिता में से 15% प्रदत्त इक्विटी के विनिवेश के लिए ओएफएस निर्गम 26.07.2017 से 27.07.2017 तक आयोजित किया गया था। इस ओएफएस सौदे के माध्यम से 530.72 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई गई।
  • चालू वर्ष 2017-18 के लक्ष्य और अब तक की उपलब्धि

    क्र.सं. वित्त वर्ष लक्ष्य(रुपये करोड़ में) उपलब्धि (रुपये करोड़ में)
    1. 2017-18 72,500.00 (जिसमें सीपीएसईस के विनिवेश से 46,500 करोड़ रुपये, सामरिक विनिवेश से 15,000 करोड़ रुपये और बीमा कंपनीयों के निवेश के सूचीकरण से 11,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।) 19,157.95(20.09.2017 की स्थिति के अनुसार)

    पिछले 6 वर्षों के लक्ष्य और उपलब्धियां

    क्र.सं. वित्त वर्ष लक्ष्य(रुपये करोड़ में) उपलब्धि (रुपये करोड़ में)
    1. 2011-12 40,000.00 13,894
    2. 2012-13 30,000.00 23,957
    3. 2013-14 40,000.00 15,819
    4. 2014-15 43,425.00 24,349
    5. 2015-16 41,000.00 (सामरिक विनिवेश से 28,500 रुपये को छोड़कर) 23,997*
    6. 2016-17 56,500 (जिसमें सीपीएसईस के विनिवेश से 36,000 करोड़ रुपये और सामरिक विनिवेश से 20,500 करोड़ रुपये शामिल हैं।) 46,246.58 (जिसमें सीपीएसईस के विनिवेश से 35,467.87 करोड़ रुपये और सामरिक धारिता के विनिवेश तथा एसयूयूटीआई के निवेश के प्रबंधन से आय से 10,778.71 करोड़ रुपये करोड़ रुपये शामिल हैं।)

    बजट घोषणाएं और कार्यान्वयन स्थिति, 2016-17

    क्र.सं. पैरा सं. घोषणा का सार कार्यान्वयन स्थिति
    1. 88 विनिवेश और सामरिक बिक्री सहित सरकारी क्षेत्र के उद्यमों में सरकारी निवेश के प्रबंधन के लिए एक नई नीति अनुमोदित की गई है। नई परियोजनाओं में निवेश हेतु संशाधनों के सृजन के लिए हमें सीपीएसईस की परिसंपत्तियों का सहारा लेना होगा। नई परियोजनाओं में निवेश के लिए हम सीपीएसईस को अपनी अलग-अलग परिसंपत्तियों का विनिवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे ताकि उनका परिसंपत्ति मूल्य निर्मुक्त हो सके। नीति आयोग सामरिक बिक्री के लिए सीपीएसईस की पहचान करेगा (i) सामरिक विनिवेश के लिए क्रियाविधि और तंत्र के संबंध में व्यापक अनुदेश/परिपत्र 29 फरवरी, 2016 को नीति आयोग सहित सभी संबंधित मंत्रालयों/ विभागों को जारी कर दिए गए हैं।



    (ii) नीति आयोग की रिपोट के आधार पर सीसीईए ने 27 अक्तूबर, 2016 को आयोजित अपनी बैठक में सीपीएसईस के सामरिक विनिवेश के लिए "सैधान्तिक" अनुमोदन प्रदान कर दिया है।
    2. 89 हम पूंजीगत पुर्नगठन, लाभांश, बोनस आदि जैसे मुददों का समाधान करके सीपीएसईस में सरकारी निवेश के दक्ष प्रबंधन के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाएंगे। विनिवेश विभाग का नाम बदलकर "निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम)" किया जा रहा है। (i) आर्थिक विकास में तेजी लाने तथा उच्चतर व्यय के लिए सरकारी संशाधनों में वृद्धि करने के लिए केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों में अपने निवेश के प्रबंधन के संबंध में सरकार के केन्द्रबिन्दु के अनुरूप विनिवेश विभाग का नाम बदलकर निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) कर दिया गया है।



    (ii) सीपीएसईस में भारत सरकार के निवेश का दक्ष प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए सीपीएसईस के पूंजीगत पुर्नगठन के संबंध में दिशा-निर्देश दिनांक 27 मई 2016 को जारी कर दिए गए है जो विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा विगत में जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों का अधिक्रमण करते हैं।