शासनादेश

विनिवेश विभाग की स्थापना 10 दिसम्बर, 1999 को एक अलग विभाग के रूप में की गई थी और बाद में 06 सितम्बर, 2001 से इसका नाम बदलकर विनिवेश मंत्रालय कर दिया गया था।

27 मई, 2004 से विनिवेश विभाग वित्त मंत्रालय के अधीन एक विभाग था।

दिनांक 14.04.2016 से विनिवेश विभाग का नाम बदलकर निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) कर दिया गया है।

मौजूदा कार्य आबंटन नियमावली के अनुसार विभाग हेतु शासनादेश इस प्रकार है :-

    • (क) केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों में इक्विटी के विनिवेश सहित इक्विटी में केन्द्र सरकार के निवेश के प्रबंधन से संबंधित सभी मामले।
      (ख) केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के पूर्ववर्ती उपक्रमों में बिक्री की पेशकश या निजी नियोजन या किसी अन्य पद्धति के माध्यम से केन्द्र सरकार की इक्विटी की बिक्री से संबंधित सभी मामले;

    टिप्पणी: केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के पूर्ववर्ती उपक्रमों में सामरिक भागीदार द्वारा क्रय विकल्प का उपयोग करने से संबंधित और उससे उत्पन्न मामलों सहित विनिवेश के बाद के अन्य सभी मामलों पर, जहां आवश्यक हो, निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के परामर्श से, संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय या विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती रहेगी।

  1. सामरिक विनिवेश सहित विनिवेश के लिए प्रशासनिक मंत्रालयों, नीति आयोग आदि की सिफारिशों पर निर्णय लेना।
  2. विनिवेश तथा लोक परिसंपत्ति प्रबंधन के लिए स्वतंत्र बाह्य मॉनीटर (रों) से संबंधित सभी मामले।
  3. (क) इक्विटी में सरकारी निवेश जैसे कि पूंजी पुनर्गठन, बोनस, लाभांश, सरकारी इक्विटी के विनिवेश तथा अन्य संबंधित मुद्दों के प्रयोजन हेतु केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों से संबंधित मामलों में निर्णय लेना।

    (ख) केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों के वित्तीय पुनर्गठन के मामलों में तथा पूंजी बाजारों के माध्यम से निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार को सलाह देना।

  4. भारतीय यूनिट ट्रस्ट अधिनियम, 1963 (1963 का 52) के साथ-साथ भारतीय यूनिट ट्रस्ट के विनिर्दिष्ट उपक्रम (एसयूयूटीआई) से संबंधित विषय।