नया क्या है
Strategic disinvestment
  • भारत बाॅण्ड ईटीएफ खेप II एनएफओ की शुरूआत 14-17 जुलाई, 2020 को की गई थी जिसमें 39,272 आवेदनों से 10,992 करोड़ रु. की राशि के साथ सफलता मिली जिसे 5वें और 11वें वर्ष श्रेणी में 3000 करोड़ रु. के आधार निर्गम आकार के विरूद्ध 3.7 बार अधिक ओवरसब्सक्राइव किया गया
  • चालू वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान ओएफएस और आईपीओ के माध्यम से अब तक 6,138.48 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
  • वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान विनिवेश लेनदेन के माध्यम से अब तक 50,298.64 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
  • 31 मार्च, 2019 की स्थिति के अनुसार सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 80,000 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के विरूद्ध विनिवेश से 84,972.16 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई।
  • नवंबर, 2018 में सीपीएसई-ईटीएफ की एफएफओ 3 ईटीएफ के माध्यम से सबसे बड़ा सौदा है जिससे 17,000 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई गई।
  • वर्ष 2017-18 के दौरान 1,00,000 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान की तुलना में विनिवेश से कुल 1,00,056.91 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई। ब्यौरा विनिवेश लिंक के अंतर्गत हाल ही के विनिवेश (Recent Disinvestment) में उपलब्ध है।
  • बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों का क्रमशः 5.67 प्रतिशत और 5.74 प्रतिशत हिस्सा है (30 सितंबर, 2020 की स्थिति के अनुसार)।
  • वीएसएनएल, 1999-2000 में सार्वजनिक पेशकश के जरिए विनिवेशित किया जाने वाला पहला सीपीएसई था।
  • वर्ष 2014-15 में कोल इण्डिया की सार्वजनिक पेशकश सीपीएसई की सबसे बड़ी बिक्री की पेशकश थी, जिससे 22,557.63 करोड़ रु. जुटाए गए थे।
  • वर्ष 2003-04 में, ओएनजीसी की सार्वजनिक पेशकश सबसे बड़ी अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश थी, जिससे 10,542 करोड़ रु. जुटाए गए थे।
  • वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान कुल विनिवेश प्राप्तियाँ 46,246.58 करोड़ रुपये हैं।