नया क्या है
  • पोत परिवहन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन एक सीपीएसई में भारत सरकार की इक्विटी शेयरधारिता के प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ सामरिक विनिवेश करने के लिए विधिक सलाहकार की नियुक्ति - प्रस्ताव हेतु अनुरोध ।
  • कंपनी 2 में भारत सरकार की मौजूदा कुल प्रदत्त इक्विटी शेयरधारिता का अन्य सरकारी कंपनी, दोनों कंपनियां विद्युत मंत्रालय के अधीन हैं, द्वारा अधिग्रहण्र करने के लिए विधिक सलाहकार की नियुक्ति - प्रस्ताव हेतु अनुरोध ।
  • कंपनी 1 में भारत सरकार की मौजूदा कुल प्रदत्त इक्विटी शेयरधारिता का अन्य सरकारी कंपनी, दोनों कंपनियां विद्युत मंत्रालय के अधीन हैं, द्वारा अधिग्रहण्र करने के लिए विधिक सलाहकार की नियुक्ति - प्रस्ताव हेतु अनुरोध ।
  • रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन एक सीपीएसई के प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ इसमें भारत सरकार की इक्विटी शेयरधारिता के आंशिक विनिवेश के लिए विधिक सलाहकार की नियुक्ति - प्रस्ताव हेतु अनुरोध ।
  • चालू वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान विनिवेश लेनदेन के माध्यम से अब तक 17,364.26 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
  • 31 मार्च, 2019 की स्थिति के अनुसार सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 80,000 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के विरूद्ध विनिवेश से 84,972.16 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई।
  • नवंबर, 2018 में सीपीएसई-ईटीएफ की एफएफओ 3 ईटीएफ के माध्यम से सबसे बड़ा सौदा है जिससे 17,000 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई गई।
  • वर्ष 2017-18 के दौरान 1,00,000 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान की तुलना में विनिवेश से कुल 1,00,056.91 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई। ब्यौरा विनिवेश लिंक के अंतर्गत हाल ही के विनिवेश (Recent Disinvestment) में उपलब्ध है।
  • बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों का क्रमशः 8.43 प्रतिशत और 8.50 प्रतिशत हिस्सा है (31 अक्तूबर, 2019 की स्थिति के अनुसार)।
  • वीएसएनएल, 1999-2000 में सार्वजनिक पेशकश के जरिए विनिवेशित किया जाने वाला पहला सीपीएसई था।
  • वर्ष 2014-15 में कोल इण्डिया की सार्वजनिक पेशकश सीपीएसई की सबसे बड़ी बिक्री की पेशकश थी, जिससे 22,557.63 करोड़ रु. जुटाए गए थे।
  • वर्ष 2003-04 में, ओएनजीसी की सार्वजनिक पेशकश सबसे बड़ी अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश थी, जिससे 10,542 करोड़ रु. जुटाए गए थे।
  • वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान कुल विनिवेश प्राप्तियाँ 46,246.58 करोड़ रुपये हैं।