प्रमुख उपलब्धियां

क्र.सं. महीना उपलब्धियां
1 अप्रैल, 2019
  1. अप्रैल, 2019 के दौरान संपन्न सौदे : (i) रेल विकास निगम लि. को अप्रैल, 2019 में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किया गया था और इससे 475.89 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई। (ii) शत्रु शेयरों की बिक्री : इस सौदे से अप्रैल, 2019 में 1875.37 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई।
  2. माह के दौरान महत्वपूर्ण बैठकें : (i) दिनांक 15.04.2019 को एएमसी द्वारा ऋण ईटीएफ की प्रस्तावित संरचना के संबंध में एक प्रस्तुतीकरण किया गया। (ii) बीमा कंपनियों के विलय/अधिग्रहण के लिए सलाहकार/परामर्शदाता की नियुक्ति के बारे में दिनांक 15.04.2019 को एक अंतर-मंत्रालय दल की बैठक आयोजित की गई।
  3. माह के दौरान सामरिक विनिवेश के महत्वपूर्ण मामलों में प्रगति : (i) प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट इंडिया लि. : संशोधित रूचि की अभिव्यक्ति और प्रारंभिक सूचना ज्ञापन पर विचार करने के लिए मूल्यांकन समिति की पहली बैठक दिनांक 05.04.2019 को आयोजित की गई। प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए दिनांक 11.04.2019 को एक समीक्षा बैठक दीपम में आयोजित की गई। (ii) पवन हंस लि. : विनिवेश संबंधी सचिवों के प्रमुख दल ने दिनांक 16.04.2019 को आयोजित अपनी बैठक में इस मामले में नए सिरे से रूचि की अभिव्यक्ति और प्रारंभिक सूचना ज्ञापन जारी करने की सिफारिश की। (iii) भारत पंप्स एंड कम्प्रेसर्स लि. : बोलीदाताओं के लिए वास्तविक डाटा कक्ष खोला गया है। शेयर खरीद करार दिनांक 29.03.2019 को अर्हता प्राप्त इच्छुक बोलीदाताओं के साथ साझा किया गया। (iv) सेंट्रल इलैक्ट्रॉनिक्स लि. : विधि मंत्रालय को संदर्भित मसौदा शेयर खरीद करार की पुनरीक्षा की गई। वैकल्पिक तंत्र के अनुमोदन की प्रतीक्षा है। (v) भारत अर्थ मूवर्स लि. (बीईएमएल) : मंत्रालय द्वारा उचित उद्यमिता प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रक्षा उत्पादन विभाग की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया सीजीडी नोट मंत्रिमंडल सचिवालय के विचार हेतु दिनांक 08.04.2019 को प्रस्तुत किया गया। बीईएमएल के मामले में भूमि उपयोग के संबंध में रक्षा उत्पादन विभाग से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। (vi) एचएलएल लाइफ केयर : मंत्रालय को सहायक कंपनियों के अविलय हेतु कार्रवाई करने और प्रारंभिक सूचना ज्ञापन के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए दिनांक 11.04.2019 को एक समीक्षा बैठक दीपम में आयोजित की गई। (vii) इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्यूटिकल्स कार्पो. लि. : प्रारंभिक सूचना ज्ञापन/रूचि की अभिव्यक्ति दिनांक 13.04.2019 को जारी की गई। रूचि की अभिव्यक्ति प्राप्त करने की अंतिम तारीख 18.05.2019 है।
  4. अप्रैल, 2019 के दौरान अंतर्राष्ट्रीय/घरेलू प्रचार-प्रसार : अपतटीय ईटीएफ की शुरूआत की संभावनाएं तलाशने के लिए 8 से 11 अप्रैल, 2019 तक लंदन और पेरिस में अंतर्राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार आयोजित किया गया था।
2 मार्च 2019
  1. 1. सीपीएसई में कुशल निवेश प्रबंधन के माध्यम से वर्ष 2018-19 के लिए विनिवेश के 80,000 करोड़ रुपये के बजट अनुमान (बीई) के विरूद्ध सरकार ने 84,971 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई । क. मार्च 2019 के दौरान संपन्न सौदे: (i) ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल): दिनांक 15.02.2019 से दिनांक 01.03.2019 तक ओआईएल की वापस खरीद पेशकश से 720.80 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई। (ii) कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल): सीआईएल के शेयरों की वापस खरीद से भारत सरकार को 1039.71 करोड़ रूपए की धनराशि प्राप्त हुई (iii) सीपीएसई ईटीएफ ईटीएफ 4: आवर्ती फंड पेशकश - सीपीएसई ईटीएफ 4 की शुरूआत 19 से 22 मार्च, 2019 तक की गई । भारत सरकार को इस सौदे से 9,350.07 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई । (iv) राष्ट्रीय परियोजना निर्माण निगम लिमिटेड (एनपीसीसी): एनपीसीसी की वैपकोस को हुई इस सामरिक बिक्री से भारत सरकार को 79.80 करोड़ रूपए की धनराशि प्राप्त हुई । (v) एमएसटीसी लि. : एमएसटीसी लि. को आईपीओ के माध्यम से दिनांक 29.3.2019 को सूचीबद्ध किया गया था।भारत सरकार को इस सौदे से 210.60 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई । (vi) ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीसीआईएल): भारत सरकार को डीसीआईएल के सामरिक विनिवेश की बिक्री प्राप्तियों से 1049.17 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई । (vii) एनएमडीसी लि. : भारत सरकार ने एनएमडीसी के शेयरों की वापस खरीद से 768.78 करोड़ की धनराशि प्राप्त की । (viii) पीएफसी-आरईसी सौदा: पीएफसी ने 14499.99 करोड़ के मूल्य पर आरईसी में भारत सरकार की 52.63% हिस्सेदारी को खरीदा ।
  2. 2. ख. महीने के दौरान महत्वपूर्ण बैठकें: (i) दिनांक 07.03.2019 को आयोजित अपनी बैठक में आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति ने निम्नानुसार सीपीएसईस के सामरिक विनिवेश के सभी मामलों में वैकल्पिक तंत्र (एएम) को शक्ति के प्रत्यायोजन हेतु निम्नलिखित का अनुमोदन किया : (क) सौदे के लिए शेयरों की मात्रा, बिक्री का तरीका और सौदे का अंतिम मूल्य निर्धारण या इस तरह के मूल्य निर्धारण के लिए सिद्धांतों/दिशा निर्देशों को निर्धारित करना; और सामरिक भागीदार/खरीदार का चयन; बिक्री की शर्तें और नियम; और (ख) समय, मूल्य, बिक्री की शर्तों और नियम और सौदे से संबंधित किसी अन्य मामले के संबंध में सीजीडी के प्रस्तावों पर निर्णय लेना। (ii) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिनांक 28.2.2019 को सीपीएसई/पीएसयू/अन्य सरकारी संगठनों और अचल शत्रु संपत्ति के परिसंपत्ति मुद्रीकरण के लिए प्रक्रियाओं और तंत्र निर्धारित करने के लिए दीपम के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ग. महीने के दौरान महत्वपूर्ण सामरिक विनिवेश मामलों में हुई प्रगति: (i) हिंदुस्तान प्रीफैब लिमिटेड (एचपीएल): वैकल्पिक तंत्र ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा शुरू की जाने वाली एचपीएल को बंद करने की पहल को मंजूरी दी। (ii) केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) : ड्राफ्ट एसपीए पर दिनांक 18.03.2019 को सीजीडी द्वारा विचार किया गया और अनुमोदित किया गया। इसके बाद, ड्राफ्ट एसपीए को विधिक पुनरीक्षण के लिए विधि मंत्रालय को संदर्भित किया गया । (iii) सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआई): रूची की अभिव्यक्ति / प्रारंभिक सूचना ज्ञापन (ईओआई/पीआईएम) को भारी उद्योग विभाग द्वारा अनुमोदित किया गया और रूचि की अभिव्यक्ति/प्रारंभिक सूचना ज्ञापन को दिनांक 02.03.2019 को प्रकाशित किया गया। (iv) भारत पंप और कंप्रेसर लिमिटेड : दिनांक 29.03.2018 को शेयर खरीद करार को क्यूआईबी के साथ साझा किया गया। घ. मार्च, 2019 के दौरान अंतर्राष्ट्रीय/घरेलू प्रचार-प्रसार : रेल विकास निगम लिमिटेड के संबंध में मुंबई में घरेलू प्रचार-प्रसार कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिनांक 29.03.2019 को आईपीओ को लॉन्च किया गया।
  • चालू वर्ष 2019-20 के लक्ष्य और अब तक की उपलब्धि

    क्र.सं. वित्त वर्ष लक्ष्य(रुपये करोड़ में) उपलब्धि (रुपये करोड़ में)
    1. 2019-20 90,000 23,50.25

    पिछले 8 वर्षों के लक्ष्य और उपलब्धियां

    क्र.सं. वित्त वर्ष लक्ष्य(रुपये करोड़ में) उपलब्धि (रुपये करोड़ में)
    1. 2011-12 40,000.00 13,894
    2. 2012-13 30,000.00 23,957
    3. 2013-14 40,000.00 15,819
    4. 2014-15 43,425.00 24,349
    5. 2015-16 41,000.00 (सामरिक विनिवेश से 28,500 रुपये को छोड़कर) 23,997*
    6. 2016-17 56,500 (जिसमें सीपीएसईस के विनिवेश से 36,000 करोड़ रुपये और सामरिक विनिवेश से 20,500 करोड़ रुपये शामिल हैं।) 46,246.58 (जिसमें सीपीएसईस के विनिवेश से 35,467.87 करोड़ रुपये और सामरिक धारिता के विनिवेश तथा एसयूयूटीआई के निवेश के प्रबंधन से आय से 10,778.71 करोड़ रुपये करोड़ रुपये शामिल हैं।)
    7. 2017-18 1,00,000 1,00,056.91
    8. 2018-19 80,000 84,972.16

    बजट घोषणाएं और कार्यान्वयन स्थिति, 2018-19

    क्र.सं. पैरा सं. घोषणा का सार कार्यान्वयन स्थिति
    1. 102 सरकार और बाजार नियामकों ने मौद्रीकरण माध्यमों जैसे कि इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट(InvIT) और रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट(ReIT) के विकास के लिए आवश्यक उपाय किए हैं। सरकार अगले वर्ष से InvIT का उपयोग करते हुए चुनिंदा सीपीएसईस की परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण करना आरंभ करेगी। सीपीएसईस की परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण करने के लिए विभागसंस्थागत ढ़ांचे का मसौदा तैयार कर रहा है।
    2. 123 सरकार ने दो बीमा कंपनियों सहित 14 सीपीएसईस को स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध करने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है। सरकार ने 24 सीपीएसईस में सामरिक विनिवेश की प्रक्रिया भी आरंभ् कर दी है। इसमें एयर इंड़िया का सामरिक निजीकरण भी शामिल है। (i) इनमेँ से ओएनजीसी-एचपीसीएल सौदा वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान संपन्न कर लिया गया है। 23 सीपीएसईस/सीपीएसईस की इकाईयों की विनिवेश प्रक्रिया कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है।

    (ii) एयर इंड़िया के लिए ईओआई/पीआईएम 28.03.2018 को जारी किया गया था। कोई बोली प्राप्त नहीं हुई।
    3. 125 सरकार ने 14,500 करोड़ रू. जुटाने के लिए ईटीएफ भारत 22 की शुरूआत की जो सभी खण्ड़ों में ओवरस्बस्क्राइब हुआ। दीपम ऋण ईटीएफ सहित और ईटीएफ पेशकशें लाएगा। (i) माननीय वित्त मंत्री ने ऋण ईटीएफ के सृजन,शुरूआत और कार्यान्वयन के लिए एक सलाहकार, एक बाजार निर्माता और एक विधिक सलाहकार की नियुक्ति के लिए अंतर-मंत्रालय समूह(आईएमजी) के गठन का अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

    (ii) आईएमजी ने सलाहकार की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध(आरएफपी) अनुमोदित कर दिया है। सलाहकार की नियुक्ति हेतु इच्छुक पार्टियों से बोलियां आमंत्रित करने के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध(आरएफपी) जारी कर दिया गया है।

    बजट घोषणाएं और कार्यान्वयन स्थिति, 2017-18

    क्र.सं. पैरा सं. घोषणा का सार कार्यान्वयन स्थिति
    1. 104 रेलवे पीएससीस जैसे कि आईआरसीटीसी, आईआरएफसी और इरकॉन के शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध किया जाएगा। (i) बीआरएलएम,विधिक सलाहकारों, पंजीयकोंऔर लेखापरीक्षकों जैसे मध्यस्थों की नियुक्ति कर ली गई है।

    (ii) बीआरएलएम तथा सीपीएसईस द्वारा उचित उद्यमिता की जा रही है।

    कार्यान्वयन के अधीन

    2. 103 सरकारी क्षेत्र के उद्यमों के सूचीकरण से जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ जाएगी और इन कंपनियों का वास्तविक मूल्य निर्मुक्त हो जाएगा। सरकार अभिज्ञात सीपीएसईस का स्टॉक एक्सचेंजों में समयबद्ध सूचीकरण सुनिश्चित करने के लिए एक संशोधित तंत्र और क्रियाविधि स्थापित करेगी। पिछले बजट में मैंने जिस विनिवेश नीति की घोषणा की थी, वह जारी रहेगी। जैसाकि बजट 2017-18 में घोषित किया गया है, सरकार ने सीपीएसईस के सूचीकरण के लिए संकेतात्मक समय-सीमा के साथ एक तंत्र/क्रियाविधि की 17.02.2017 को शुरूआत की है। प्रशासनिक मंत्रालयों/विभागों से लागू अधिनियमों, नियमों और विनियमों के अनुसार अभिज्ञात सीपीएसईस का समयबद्ध सूचीकरण संपन्न करने का अनुरोध किया गया है।

    कार्यान्वित

    3. 106 10 सीपीएसईस के शेयरों वाले हमारे ईटीएफ को हाल ही की अनुवर्ती फंड पेशकश (एफएफओ) को जबरदस्त प्रतिक्रिया हासिल हुई है। आगे भी शेयरों के विनिवेश के लिए हम ईटीएफ का एक साधन के रूप में उपयोग करते रहेंगे। तद्नुसार, एक नए ईटीएफ की वर्ष 2017-18 में शुरूआत की जाएगी जिसमें विविधीकृत सीपीएसईस के शेयर और अन्य सरकारी शेयरधारिता शामिल होगी। (i) जैसा कि वर्ष 2017-18 के बजट में घोषणा की गई थी भारत 22 की नई फंड पेशकश सब्सक्रिप्शन हेतु 14 नवंबर, 2017 को खोली गई थी। पेशकश निवेशकों के सभी हलकों में ओवरसब्सक्राइब हुई जैसे कि स्थायी निवेशक, रिटायरमेंट फंड, खुदरा निवेशक व अन्य अर्थात क्यूआईबी/एचएनआई। निवेशकों से 3.30 लाख से भी अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे।

    (ii) जबकि स्थायी खंड 6 गुना ओवर सब्सक्राइब हुआ और पेशकश कुल मिलाकर 4 गुना से भी अधिक ओवर सब्सक्राइब हुई। एफआईआई श्रेणी के अधीन निर्गम से लगभग 1.5 बिलियन अमरीकी डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) की धनराशि प्राप्त हुई।

    (iii) बड़ी संख्या में निवेशकों, विशेषकर खुदरा और रिटायरमेंट फंड श्रेणी के निवेशकों की मांग को पूरा करने के उद्देश्य से सरकार ने पेशकश के निर्गम के आकार को 14,500 करोड़ रुपये तक बढ़ाकर ओवर सब्सक्रिप्शन के भाग को अपने पास रखने का निर्णय लिया।

    कार्यान्वित