प्रमुख उपलब्धियां

क्र.सं. महीना उपलब्धियां
1 सितम्बर, 2019
  1. क. सितम्बर माह, 2019 के दौरान आवर्ती सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ)/ अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) मामलों में हुई प्रगति : (i) मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लि. (एमडीएल) : बही संचालक अग्रणी प्रबंधकों की अनुशंसा पर एमडीएल आईपीओ की शुरूआत को स्थगित करने के निर्णय को लेने के लिए दिनांक 05.09.2019 को उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। माननीय वित्त मंत्री ने एमडीएल आईपीओ की शुरूआत को स्थगित करने के लिए एचएलसी की अनुशंसा का अनुमोदन किया। (ii) केआईओसीएल लिः चयन समिति ने दिनांक 16.09.2019 की अपनी बैठक में घरेलू बाजार में एफपीओ के माध्यम से केआईओसीएल लि. के विनिवेश के लिए पंजीयक के रूप में मैसर्स कार्वी फिनटेक प्राइवेट लि. की नियुक्ति की। दिनांक 17.09.2019 को विज्ञापन ऐजेंसी की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध (आएफपी) जारी किया गया। (iii) रेलटेल कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (रेलटेल): दिनांक 17.09.2019 को सभी शेयरधारकों के साथ आरम्भिक बैठक की गई थी। पंजीयक की नियक्ति प्रक्रियाधीन है। (iv) इंडियन रेलवे केटरिंग एवं टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) : आईआरसीटीसी आईपीओ के मामले में मूल्य बैंड और छूट नियत करने और पेशकेश संबंधी अन्य आमलों के लिए दिनांक 24.09.2019 को एचएलसी और वैकल्पिक तंत्र (एएम) की बैठक आयोजित की गई थी। निर्गम दिनांक 30.09.2019 को खुला और दिनांक 03.10.2019 को बंद हुआ। सरकारी खाते में निधि का अन्तरण अक्तूबर, 2019 तक होगा। (v) एफसीआई अरावली जिप्सम एवं मिनरल्स इंडिया लि. (एफएजीएमआईएल) : वेपकासॅ लि0 एवं टेलीकम्यूनिकेशन्स कन्सलटेनन्ट्स इंडिया लि. (टीसीआइएल) फेगमिल वेपकॉस लि. टीसीआईएल : की आईपीओस के संबंध में बीआरएलएमस के चयन और विधिक सलाहकार की नियुक्ति के लिए आरएफपी के अनुमोदन हेतु भी दिनांक 27.09.2019 को अंतर मंत्रालय दल (आईएमजी) की बैठक आयोजित की गई थी।
  2. ख. सितम्बर माह, 2019 के दौरान बिक्री की पेशकश (ओएफएस) के मामले में हुई प्रगतिः (i) राइटस लि. : राइटस ओएफएस के मामले में मर्चेंट बैकरों (एमवीएल) और विधिक सलाहकार (एलए) की नियक्ति की गई। (ii) इरकान इंटरनेशनल लि. (इरकान) : विधिक सलाहकार और मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध जारी किया गया था।
  3. ग. सितम्बर माह, 2019 के दौरान सामरिक विनिवेश मामलों में हुई प्रगति : (i) एनएमडीसी का नारगनार इस्पात संयंत्र : सभी संबंधितों से मसौदा सीसीईए नोट पर टिप्पणियां प्राप्त की गई। संक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के लिए मामला क्रियावधीन है। (ii) भारत अर्थ मूवर्स लि. (बीईएमएल): विनिवेश संबंधी सचिवों के प्रमुख् दल (सीजीडी) ने दिनांक 16.09.2019 को आयोजित अपनी बैठक में अनुशंसा की कि चूंकि आईएमजी पहले से ही मुद्रीकरण के लिए कुछ गैर-महत्वपूर्ण परिसम्पत्तियों को अभिज्ञात कर चुका है इसलिए डीओडीपी बीईएमएल के बोर्ड को परिसंपत्तियों के मद्रीकरण के लिए संकल्प पारित करने और तदनुरूप, वैकल्पिक तंत्र (एएम) के अनुमोदन के लिए प्रक्रिया का सुझाव दे सकता है। इसके अलावा, रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) ओर प्रारम्भिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) पर चर्चा करने के लिए दिनांक 24.09.2019 को मूल्यांकन समिति (ईसी) की बैठक आयोजित की गई थी। ईसी ने कुछ संशोधन सुझाए (iii) प्रोजेक्ट एवं डेवलपमेंट इंडिया लि. (पीडीआईएल): पीडीआईएल के सामरिक विनिवेश के संबंध में दिनांक 17.09.2019 को ईसी की बैठक आयोजित की गई थी। (iv) स्कूटर्स इंडिया लि. (एसआईएल) : भावी कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश प्राप्त करने हेतु दिनांक 12.09.2019 को एक सीजीडी नोट मंत्रिमंडल सचिवालय को भेजा गया। (v) सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि. (सीईएल): भावी कार्रवाई हेतु सीजीडी से दिनांक 19.09.2019 को दिशा-निर्देश का निवेदन किया गया। (vi) पवन हंस लि. (पीएचएल) : पीएचएल के सामरिक विनिवेश के लिए प्रारम्भिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम)/रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) संबंधी बोलीदाताओं के प्रश्नों से संबंधित मामलों पर चर्चा करने के लिए मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में दिनांक 06.09.2019 को विनिवेश संबंधी सचिवों के प्रमुख दल (सीजीडी) की बैठक आयोजित की गई थी। इसके साथ ही, पीएचएल के सामरिक विनिवेश के लिए पीआईएम/ईओआई संबंधी बोलीदाताओं के प्रश्नों से संबंधित मामलों में प्रस्ताव परिचालित करके दिनांक 12.09.2019 को वैकल्पिक तंत्र (एएम) का अनुमोदन प्राप्त किया गया था। (vii) एयर इंडिया : विनिवेश संबंधी सचिवों के प्रमुख दल ने दिनांक 06.09.2019 और 25.09.2019 को मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में आयोजित अपनी बैठक में एयर इंडिया और इसकी सहायक कंपनियों के सामरिक विनिवेश की प्रक्रिया को पुनः आरम्भ करने की अनुशंसा की। (viii) सेल की तीन इकाइयां : भद्रावती, सेलम और दुर्गापुर : अंतर मंत्रालय दल की बैठक दिनांक 20.09.2019 को आयोजित की गई थी, जिसमें सौदा सलाहकार (टीए) ने सूचित किया कि एसएसपी एवं वीआईएसपी से बोलियां प्राप्त हो गई हैं, किंतु एएसपी से कोई बोली प्राप्त नहीं हुई है। (ix) फैरो स्क्रैप निगम लि. (एफएसएनएल) : इस्पात मंत्रालय द्वारा दिनांक 20.09.2019 को अंतर मंत्रालय दल की बैठक आयोजित की गई थी जिसमें एमएसटीसी को सीसीईए के दिनांक 27.10.2016 के निर्णय के अनुसार एफएसएनएल के सामरिक विनिवेश के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। (x) कामराजार पोर्ट लि. : सौदा सलाहकार (टीए) ने दिनांक 30.09.2019 को मसौदा सीआईएम, एसपीए और आरएफपी को इस्पात मंत्रालय के अनुमोदन के लिए अग्रेषित किया। (xi) राष्ट्रीय इस्पात निगम लि. (आरआईएनएल) : सीजीडी की बैठक को आयोजित करने के लिए, आरआईएनएल के सामरिक विनिवेश हेतु मसौदा सीजीडी नोट दिनांक 12.09.2019 को मंत्रीमंडल सचिवालय को भेजा गया।
  4. घ. सितम्बर माह, 2019 के दौरान महत्वपूर्ण बैठकें : (i) वित्तीय क्षेत्र ईटीएफ : वित्तीय क्षेत्र ईटीएफ : वित्तीय क्षेत्र के एक्सचेंज ट्रेडड फंड (ईटीएफ), जिसमें सूचीबद्ध सरकारी क्षेत्र के बैंक (पीएसबीस), सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनियां (पीएसआईसीएस) और सरकारी वित्तीय संस्थान (पीएफआईस) के शेयर शामिल हैं, के सृजन और शुरूआत के लिए परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी और विधिक सलाहकार (एलए) के चयन के लिए दिनांक 05.09.2019 को अंतर मंत्रालय दल की एक बैठक आयोजित की गई थी। (ii) भारत 22 इटीएफ : भारत 22 ईटीएफ की अनुवर्ती निधि पेशकश के संबंध में वैकल्पिक तत्र को अनुशंसा करने के लिए दिनांक 09.09.2019 को उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की बैठक आयोजित की गई थी। साथ ही भारत 22 ईटीएफ के एफएफओ 2 के लिए प्रस्ताव के संबंध में परिचालन द्वारा दिनांक 12.09.2019 को वैकल्पिक तंत्र (एएम) की बैठक आयोजित की गई थी। (iii) परिसंपत्ति मुद्रीकरण : दिनांक 13.09.2019 को अंतर मंत्रालय दल की एक बैठक आयोजित की गई थी। सीपीएसईस/पीएसयूस/अन्य सरकारी संगठनों की भूमि एवं भवन के मुद्रीकरण के लिए 11 आईपीसी फर्मों को सूची में शामिल किया गया। (iv) सीपीएसईस के सामरिक विनिवेश की मौजूदा क्रियाविधि और तंत्र में संशोधन करने हेतु आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) हेतु नोट दिनांक 30.09.2019 को मंत्रिमंडल सचिवालय को विचारार्थ और निर्णय के लिए भेजा गया।
  5. ड. सितम्बर माह, 2019 के दौरान अंतराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार (i) इंडियन रेलवे केटरिंग एवं टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी-आईपीओ), के संबंध में दिनांक 16 से 19 सितम्बर, 2019 को अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया था।
  • चालू वर्ष 2019-20 के लक्ष्य और अब तक की उपलब्धि

    क्र.सं. वित्त वर्ष लक्ष्य(रुपये करोड़ में) उपलब्धि (रुपये करोड़ में)
    1. 2019-20 1,05,000 17,364.26

    पिछले 8 वर्षों के लक्ष्य और उपलब्धियां

    क्र.सं. वित्त वर्ष लक्ष्य(रुपये करोड़ में) उपलब्धि (रुपये करोड़ में)
    1. 2011-12 40,000.00 13,894
    2. 2012-13 30,000.00 23,957
    3. 2013-14 40,000.00 15,819
    4. 2014-15 43,425.00 24,349
    5. 2015-16 41,000.00 (सामरिक विनिवेश से 28,500 रुपये को छोड़कर) 23,997*
    6. 2016-17 56,500 (जिसमें सीपीएसईस के विनिवेश से 36,000 करोड़ रुपये और सामरिक विनिवेश से 20,500 करोड़ रुपये शामिल हैं।) 46,246.58 (जिसमें सीपीएसईस के विनिवेश से 35,467.87 करोड़ रुपये और सामरिक धारिता के विनिवेश तथा एसयूयूटीआई के निवेश के प्रबंधन से आय से 10,778.71 करोड़ रुपये करोड़ रुपये शामिल हैं।)
    7. 2017-18 1,00,000 1,00,056.91
    8. 2018-19 80,000 84,972.16

    बजट घोषणाएं और कार्यान्वयन स्थिति, 2018-19

    क्र.सं. पैरा सं. घोषणा का सार कार्यान्वयन स्थिति
    1. 102 सरकार और बाजार नियामकों ने मौद्रीकरण माध्यमों जैसे कि इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट(InvIT) और रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट(ReIT) के विकास के लिए आवश्यक उपाय किए हैं। सरकार अगले वर्ष से InvIT का उपयोग करते हुए चुनिंदा सीपीएसईस की परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण करना आरंभ करेगी। सीपीएसईस की परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण करने के लिए विभागसंस्थागत ढ़ांचे का मसौदा तैयार कर रहा है।
    2. 123 सरकार ने दो बीमा कंपनियों सहित 14 सीपीएसईस को स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध करने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है। सरकार ने 24 सीपीएसईस में सामरिक विनिवेश की प्रक्रिया भी आरंभ् कर दी है। इसमें एयर इंड़िया का सामरिक निजीकरण भी शामिल है। (i) इनमेँ से ओएनजीसी-एचपीसीएल सौदा वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान संपन्न कर लिया गया है। 23 सीपीएसईस/सीपीएसईस की इकाईयों की विनिवेश प्रक्रिया कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है।

    (ii) एयर इंड़िया के लिए ईओआई/पीआईएम 28.03.2018 को जारी किया गया था। कोई बोली प्राप्त नहीं हुई।
    3. 125 सरकार ने 14,500 करोड़ रू. जुटाने के लिए ईटीएफ भारत 22 की शुरूआत की जो सभी खण्ड़ों में ओवरस्बस्क्राइब हुआ। दीपम ऋण ईटीएफ सहित और ईटीएफ पेशकशें लाएगा। (i) माननीय वित्त मंत्री ने ऋण ईटीएफ के सृजन,शुरूआत और कार्यान्वयन के लिए एक सलाहकार, एक बाजार निर्माता और एक विधिक सलाहकार की नियुक्ति के लिए अंतर-मंत्रालय समूह(आईएमजी) के गठन का अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

    (ii) आईएमजी ने सलाहकार की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध(आरएफपी) अनुमोदित कर दिया है। सलाहकार की नियुक्ति हेतु इच्छुक पार्टियों से बोलियां आमंत्रित करने के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध(आरएफपी) जारी कर दिया गया है।

    बजट घोषणाएं और कार्यान्वयन स्थिति, 2017-18

    क्र.सं. पैरा सं. घोषणा का सार कार्यान्वयन स्थिति
    1. 104 रेलवे पीएससीस जैसे कि आईआरसीटीसी, आईआरएफसी और इरकॉन के शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध किया जाएगा। (i) बीआरएलएम,विधिक सलाहकारों, पंजीयकोंऔर लेखापरीक्षकों जैसे मध्यस्थों की नियुक्ति कर ली गई है।

    (ii) बीआरएलएम तथा सीपीएसईस द्वारा उचित उद्यमिता की जा रही है।

    कार्यान्वयन के अधीन

    2. 103 सरकारी क्षेत्र के उद्यमों के सूचीकरण से जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ जाएगी और इन कंपनियों का वास्तविक मूल्य निर्मुक्त हो जाएगा। सरकार अभिज्ञात सीपीएसईस का स्टॉक एक्सचेंजों में समयबद्ध सूचीकरण सुनिश्चित करने के लिए एक संशोधित तंत्र और क्रियाविधि स्थापित करेगी। पिछले बजट में मैंने जिस विनिवेश नीति की घोषणा की थी, वह जारी रहेगी। जैसाकि बजट 2017-18 में घोषित किया गया है, सरकार ने सीपीएसईस के सूचीकरण के लिए संकेतात्मक समय-सीमा के साथ एक तंत्र/क्रियाविधि की 17.02.2017 को शुरूआत की है। प्रशासनिक मंत्रालयों/विभागों से लागू अधिनियमों, नियमों और विनियमों के अनुसार अभिज्ञात सीपीएसईस का समयबद्ध सूचीकरण संपन्न करने का अनुरोध किया गया है।

    कार्यान्वित

    3. 106 10 सीपीएसईस के शेयरों वाले हमारे ईटीएफ को हाल ही की अनुवर्ती फंड पेशकश (एफएफओ) को जबरदस्त प्रतिक्रिया हासिल हुई है। आगे भी शेयरों के विनिवेश के लिए हम ईटीएफ का एक साधन के रूप में उपयोग करते रहेंगे। तद्नुसार, एक नए ईटीएफ की वर्ष 2017-18 में शुरूआत की जाएगी जिसमें विविधीकृत सीपीएसईस के शेयर और अन्य सरकारी शेयरधारिता शामिल होगी। (i) जैसा कि वर्ष 2017-18 के बजट में घोषणा की गई थी भारत 22 की नई फंड पेशकश सब्सक्रिप्शन हेतु 14 नवंबर, 2017 को खोली गई थी। पेशकश निवेशकों के सभी हलकों में ओवरसब्सक्राइब हुई जैसे कि स्थायी निवेशक, रिटायरमेंट फंड, खुदरा निवेशक व अन्य अर्थात क्यूआईबी/एचएनआई। निवेशकों से 3.30 लाख से भी अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे।

    (ii) जबकि स्थायी खंड 6 गुना ओवर सब्सक्राइब हुआ और पेशकश कुल मिलाकर 4 गुना से भी अधिक ओवर सब्सक्राइब हुई। एफआईआई श्रेणी के अधीन निर्गम से लगभग 1.5 बिलियन अमरीकी डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) की धनराशि प्राप्त हुई।

    (iii) बड़ी संख्या में निवेशकों, विशेषकर खुदरा और रिटायरमेंट फंड श्रेणी के निवेशकों की मांग को पूरा करने के उद्देश्य से सरकार ने पेशकश के निर्गम के आकार को 14,500 करोड़ रुपये तक बढ़ाकर ओवर सब्सक्रिप्शन के भाग को अपने पास रखने का निर्णय लिया।

    कार्यान्वित