नया क्या है
  • टीसीआईएल के सूचीकरण और टीसीआईएल द्वारा 10% नई इक्विटी के निर्गम के साथ साथ उसमें भारत सरकार की शेयरधारिता में से 15% शेयरधारिता के घरेलू बाजार में आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से विनिवेश हेतु बही संचालकों अग्रणी प्रबंधकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव
  • वैपकोस लिमिटेड के सूचीकरण और उसमें भारत सरकार की शेयरधारिता में से 25% तक शेयरधारिता का घरेलू बाजार में आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से विनिवेश करने हेतु बही संचालकों अग्रणी प्रबंधकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध।
  • केआईओसीएल लि. में भारत सरकार की 99.06 प्रतिशत शेयरधारिता में से 15प्रतिशत प्रदत्त इक्विटी पूंजी के घरेलू बाजार में अनुवर्ती सार्वजनिक पेश के माध्यम से विनिवेश हेतु पंजीयक की नियुक्ति - प्रस्तावों हेतु अनुरोध।
  • एफसीआई अरावली जिप्सम एण्ड मिनरल्स इण्डिया लि. के सूचीकरण और उसमें भारत सरकार की शेयरधारिता में से 25% तक शेयरधारिता का घरेलू बाजार में आरंभिक सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से विनिवेश हेतु बही संचालकों अग्रणी प्रबंधकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध।
  • चालू वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान विनिवेश लेनदेन के माध्यम से अब तक 12,357.49 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
  • 31 मार्च, 2019 की स्थिति के अनुसार सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान 80,000 करोड़ रुपये के बजट अनुमान के विरूद्ध विनिवेश से 84,972.16 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई।
  • नवंबर, 2018 में सीपीएसई-ईटीएफ की एफएफओ 3 ईटीएफ के माध्यम से सबसे बड़ा सौदा है जिससे 17,000 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई गई।
  • वर्ष 2017-18 के दौरान 1,00,000 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान की तुलना में विनिवेश से कुल 1,00,056.91 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई। ब्यौरा विनिवेश लिंक के अंतर्गत हाल ही के विनिवेश (Recent Disinvestment) में उपलब्ध है।
  • बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उद्यमों का क्रमशः 8.23 प्रतिशत और 8.29 प्रतिशत हिस्सा है (13 सितंबर, 2019 की स्थिति के अनुसार)।
  • वीएसएनएल, 1999-2000 में सार्वजनिक पेशकश के जरिए विनिवेशित किया जाने वाला पहला सीपीएसई था।
  • वर्ष 2014-15 में कोल इण्डिया की सार्वजनिक पेशकश सीपीएसई की सबसे बड़ी बिक्री की पेशकश थी, जिससे 22,557.63 करोड़ रु. जुटाए गए थे।
  • वर्ष 2003-04 में, ओएनजीसी की सार्वजनिक पेशकश सबसे बड़ी अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश थी, जिससे 10,542 करोड़ रु. जुटाए गए थे।
  • वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान कुल विनिवेश प्राप्तियाँ 46,246.58 करोड़ रुपये हैं।