पावरग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लि.

प्रेस सूचना ब्यूरो की दिनांक 22 जुलाई, 2010 की प्रेस विज्ञप्ति – पावरग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. की अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश

 

आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने आज पावरग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. के 10 रुपए वाले 84,17,68,246 (चौरासी करोड़ सत्रह लाख अड़सठ हजार दो सौ छियालीस) इक्विटी शेयरों की अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश का अनुमोदन किया है जो मौजूदा प्रदत्त पूंजी का 20% होता है। इसमें 42,08,84,123 इक्विटी शेयरों का नया निर्गम (मोजूदा प्रदत्त पूंजी का 10%) और शेयरधारक अर्थात भारत के राष्ट्रपति की बिक्री के द्वारा 42,08,84,123 इक्विटी शेयरों (मोजूदा प्रदत्त पूंजी का 10%) की बिक्री की पेशकश (विनिवेश) शामिल है।

अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश के निर्गम के माध्यम से सृजित अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग पीजीसीआईएल द्वारा अपने निवेश कार्यक्रमों में किया जाएगा।

पीजीसीआईएल को वित्त वर्ष 2010-11 से आरंभ होने वाले अपने निवेश कार्यक्रम का वित्तपोषण करने के लिए नई इक्विटी के निर्गम के माध्यम से धनराशि जुटाने के लिए पूंजी बाजार में जाना होगा। 11वीं योजना की शेष अवधि के लिए पूंजी व्यय को पूरा करने के लिए नई इक्विटी के निर्गम के माध्यम से जुटाई जाने वाली धनराशि की आवश्यकता को पूरा करने के लिए 4200 करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी। अनुवर्ती सार्वजनिक पेशकश के नए निर्गम के परिणामस्वरूप पीजीसीआईएल 11वीं योजना की अवधि के दौरान सीईआरसी द्वारा 30% इक्विटी के अंशदान के अनुमत्त मानक को पूरा कर सकेगी।

 

पीजीसीआईएल में इक्विटी शेयरों की अपरयुक्त आरंभिक सार्वजनिक पेशकश की थी जिसमें 10% प्रदत्त पूंजी का नया निर्गम और बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से अक्तूबर, 2007 में भारत सरकार की 5% प्रदत्त पूंजी का विनिवेश शामिल था और यह निर्गम 64.50 गुना पूर्वक्रीत हुआ था। पीजीसीआईएल के शेयर 05 अक्तूबी, 2007 को राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हो गए थे। पीजीसीआईएल में 52 रुपए प्रतिशेयर के मूल्य पर 2984 करोड़ रुपए जुटाए थे जिसमें 995 करोड़ रुपयों का भुगतान विनिवेश धनराशि के रूप में भारत सरकार को किया गया था और निर्गम संबंधी व्यय पूरा करने के बाद शेष धनराशि का उपयोग वित्त वर्ष 2007-08 और 2008-09 के दौरान अभिज्ञात परियोजनाओं की पूंजी व्यय के लिए किया गया था।

पीजीसीआईएल की वेबसाइट के सुगम संदर्भ के लिए लिंक की व्यवस्था की जा रही है।