राष्ट्रीय खनिज विकास निगम लि0 (एनएमडीसी)

एनएमडीसी लि0 की 10% प्रदत्त इक्विटी का विनिवेश।

 

आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने एनएमडीसी लि0 में भारत सरकार की 90% शेयरधारिता में से 10% प्रदत्त इक्विटी पूंजी (01 रुपया प्रति शेयर पूर्ण मूल्य के 39,64,71,600 शेयर) का सेबी के नियमों तथा विनियमों के अनुसार स्टॉक एक्सचेंजों के माध्यम से शेयरों की बिक्री की पेशकश के जरिए विनिवेश का अनुमोदन किया है।

31 मार्च, 2012 की स्थिति के अनुसार कंपनी की प्रदत्त इक्विटी पूंजी 396.47 करोड़ रुपए हैं। एनएमडीसी लि0 की 90% प्रदत्त पूंजी भारत सरकार के पास धारित है। एनएमडीसी लि0 केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र का एक सूचीबद्ध `नवरत्न` उद्यम है। इस विनिवेश के बाद कंपनी में भारत सरकार की शेयरधारिता घट कर 80% रह जाएगी।

31 मार्च, 2012 की स्थिति के अनुसार कंपनी की प्रदत्त इक्विटी पूंजी 396.47 करोड़ रुपए हैं। एनएमडीसी लि0 की 90% प्रदत्त पूंजी भारत सरकार के पास धारित है। एनएमडीसी लि0 केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र का एक सूचीबद्ध `नवरत्न` उद्यम है। इस विनिवेश के बाद कंपनी में भारत सरकार की शेयरधारिता घट कर 80% रह जाएगी।

आर्थिक कार्य संबंधी मंत्रिमंडल समिति ने निम्नलिखित का भी अनुमोदन किया हैः • विनिवेश की ओएफएस पद्धति को बदलने के लिए मंत्रियों के शक्तिसंपन्न समूह को अधिकृत करना, यदि बाद में बाजार परिस्थितियों के कारण या सेबी के नियमों और विनियमों इत्यादि में परिवर्तन के कारण ऐसा करना अपेक्षित हो; • न्यूनतम मूल्य, खेपों की संख्या, आबंटन का आधार और प्रत्येक खेप में आबंटित किए जाने वाले शेयरों की संख्या का निर्णय मंत्रियों के शक्तिसंपन्न समूह द्वारा लिया जाए; यदि न्यूनतम मूल्य पर या उससे अधिक मूल्य पर पर्याप्त मांग न हो तो मंत्रियों का शक्तिसपंन्न समूह पेशकश को स्वीकार या निरस्त भी कर सकता है; एक या अधिक खेपों में ओवर-सब्सक्रिप्शन की दशा में मंत्रियों का शक्तिसंपन्न समूह यह निर्णय करेगा कि क्या ओवर-सब्सक्रिप्शन की राशि अपने पास रख ली जाए बशर्ते समग्र विनिवेश 10 प्रतिशत के अंदर हो; और • ओएफएस पद्धति के अधीन सौदे के संपन्न हो जाने के उपरांत प्रदत्त इक्विटी पूंजी के अधिकतम 0.50% तक अतिरिक्त शेयर पात्र और इच्छुक कर्मचारियों को निर्गम/अन्वेषित (लोएस्ट कटऑफ) मूल्य पर 5% छूट के साथ आबंटित करना; कर्मचारियों को शेयरों के आबंटन की पद्धति और क्रियाविधि निर्गम के मर्चेंट बैंकरों/सलाहकारों के साथ परामर्श से तैयार की जाएगी।

एनएमडीसी, इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र का एक उद्यम है। कंपनी मुख्य तौर पर लौह अयस्क के खनन के व्यवसाय में लगी हुई है, परंतु यह इस्पात तथा अन्य मूल्य परिवर्द्धित उत्पादों के उत्पादन की ओर अपनी गतिविधियों में विस्तार भी कर रही है। यह भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी है जो छत्तीसगढ़ में दो खनन परिसरों और कर्नाटक में एक खनन परिसर का संचालन कर रही है।

सुगम संदर्भ हेतु एनएमडीसी की वेबसाइट के लिए लिंक उपलब्ध कराया जा रहा हैः